स्किन ब्लीचिंग कैसे, कब और क्यों करनी चाहिए (All about Skin Bleaching)

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आपने कितनी बार अपने चेहरे को ब्लीच किया है और आपके चेहरे पर मुंहासे, रैशेज या पिग्मेंटेशन के निशान बन गए हैं?

All about Skin Bleaching: बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें ब्लीचिंग के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है और वे या तो गलत तरीके से करते हैं या फिर चेहरे पर रैशेज हो जाते हैं. आपको अपनी ब्लीच क्रीम के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए ता कि आप इसके पूरे लाभ ले सके.

Skin Bleaching के लाभों में ब्लैकहेड्स, पिग्मेंटेशन और टैन को हटाना शामिल है. मुख्य तौर पर इसे लोग अपनी स्किन के काले क्षेत्रों को गोरा बनाने के लिए और किसी भी तरह की पिगमेंटेशन को हटाने के लिए प्रयोग करते हैं. यूँ तो हर कोई अपने आप में सुन्दर होता है और हमें अपने रंग में ज्यादा बदलाव करने की जरुरत नहीं है. लेकिन फिर भी अगर आप ब्लीच करना चाहती हैं तो कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखें.

Skin Bleaching उत्पादों में ब्लीचिंग क्रीम, साबुन और गोलियां, साथ ही professional उपचार जैसे chemical recipees और लेजर थेरेपी शामिल हैं. ज्यादातर लोग खुद को थ्रेडिंग के दर्द से बचाने के लिए ब्लीचिंग का सहारा भी लेते हैं. लेकिन, इनमें से कितने वास्तव में सच हैं? Bleaching आपके चेहरे के ऊपर जो गहरे रंग के बाल होते है उन्हें यह फीका करती हैं और आपको दूर से देखने पर इन बालों का होने का एहसास ही नहीं होता.

क्या Skin Bleaching सुरक्षित है?

इस उत्पाद में ऐसे रसायन होते हैं जो आपके चेहरे के बालों को हल्का करने के लिए होते हैं और परिणामस्वरूप, आपकी त्वचा पहले की तुलना में अधिक गोरी दिखती है. निश्चित की गई मात्रा और समय से अगर एक मिनट भी ज्यादा इसे लगाकर रखें तो इसका हानिकारक असर आपको देखने को मिल सकते हैं.

अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो आपको किसी भी तरह के फेस ब्लीच के इस्तेमाल से पूरी तरह बचना चाहिए. अपने चेहरे को बार-बार ब्लीच करना अच्छा इसीलिए नहीं माना जाता क्योंकि इससे रूखी त्वचा, लालिमा, त्वचा का पतला होना और मुंहासे निकल सकते हैं।

Skin Bleaching कैसे काम करती है

फेशियल ब्लीच आपकी त्वचा को गोरा बनाता है, लेकिन यह केवल आपके बालों पर काम करता है, त्वचा पर नहीं. ब्लीच के बाद गोरापन का भ्रम सिर्फ सांवले रंग वाले लोगों पर ही देखा जा सकता है. इसके अलावा, ये क्रीम केवल आपको टैन, पिग्मेंटेशन के निशान और दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन आपकी त्वचा के रंग को नहीं बदल सकती हैं.

स्किन ब्लीचिंग त्वचा में मेलेनिन के उत्पादन को कम करती है. मेलेनिन एक कारक है जो मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाओं द्वारा निर्मित होता है. आपकी त्वचा में मेलेनिन की मात्रा ज्यादातर हेरिडिटरी तत्वों द्वारा निर्धारित होती है.

सांवली त्वचा वाले लोगों में मेलेनिन अधिक होता है. हार्मोन, सूरज की रोशनी और कुछ रसायन भी मेलेनिन उत्पादन को प्रभावित करते हैं.

जब आप हाइड्रोक्विनोन जैसे त्वचा के लिए ब्लीचिंग उत्पाद लागू करते हैं, तो यह आपकी त्वचा में मेलेनोसाइट्स की संख्या को कम कर देता है. इससे त्वचा का रंग हल्का हो सकता है और त्वचा में भी निखार आ सकता है.

फेस ब्लीचिंग करते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

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सबसे पहले, चूंकि आपके चेहरे की त्वचा संवेदनशील है, इसलिए सबसे अच्छा यह है कि पहले ब्लीच के उत्पाद को अपनी बांह पर लगाकर देखें कि कहीं कोई प्रतिक्रिया तो नहीं है. सुनिश्चित करें कि फेस ब्लीच और एप्लीकेटर का अनुपात सही है.


दूसरे, ब्लीचिंग के बाद अपनी त्वचा को सख्ती से रगड़ने से बचें या फिर एक्सफोलिएशन न करें और आंखों, होठों और शरीर के प्राइवेट पार्ट के आसपास ब्लीच न लगाएं.

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तीसरा, अपने चेहरे को ब्लीच करने के बाद धूप में बाहर निकलने से बचें क्योंकि ब्लीच आपकी त्वचा को सूरज की गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है. और, यदि आपको बाहर निकलने की आवश्यकता है, तो सनस्क्रीन लगाते रहना और बाहर रहते हुए हर तीन घंटे में फिर से लगाना सबसे अच्छा है.

अपन हाथ ब्लीच लगाने से पहले और बाद में अच्छे से धोएं.

कोशिश कीजिये कि यूँ ही किसी की राय मान कर ब्लीचिंग करना शुरू न करें. अपने डॉक्टर या स्किन डर्मोटोलॉजिस्ट की सलाह लेकर ही ब्लीच शुरू करें और उत्पाद भी उनकी सलाह से ही खरीदें.


गर्भावस्था के दौरान ब्लीच न लगाएं.

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